milap singh

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Tuesday, 23 July 2019

शिक्षा नीति

शिक्षा नीति और अर्थव्यवस्था

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जिस देश के लोगों के पास


करन्सी नोटों के ढेर पड़े हों


फिर भी वे सामान्य प्रयोग की


वस्तुएं नहीं खरीद पा रहे हों


तो समझ लो कि उस देश की


अर्थव्यवस्था चरमरा चुकी है।

उसी प्रकार जिस देश के नागरिकों


के पास स्नातक और स्नातकोत्तर


डिग्रियों के ढेर पड़े हों


लेकिन नोकरी आठवीं पास वाली 


भी नहीं मिल पा रही हो


तो समझ लो उस देश की


शिक्षा नीति चरमरा चुकी है।

...... मिलाप सिंह भरमौरी


Wednesday, 3 July 2019

सरकारी और निजीकरण

सरकारीकरण और निजीकरण

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सरकारी क्या है


क्या आता है यह शब्द सुनकर


आपके जहन में

25 रुपये में 125 किलोमीटर


का सफर


सरकारी है


सरकारी पैसेंजर ट्रेन में।

और निजीकरण


खुद चढ़कर देखना 


कितना किराया लगता है


किसी लाले की


चारपहिया गाड़ी में।

सरकारी क्या है


10 रुपये फीस लगती है


सरकारी स्कूल में


निजीकरण क्या है


हजारों की फीस लगती है


निजी पूंजीपतियों के स्कूल में।

सरकारी क्या है


एक रुपये की पर्ची


सरकारी अस्पताल में


निजीकरण क्या है


पांच सात हजार जेब में न हो


तो कदम भी मत रखना


निजी अस्पताल में।

सरकारी का लक्ष्य है


आम जनता को सुबिधायें देना


और निजीकरण का लक्ष्य होता है


ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाना


तो खुद ही बताओ


किसको बढ़ावा देना चाहिए


सरकारीकरण  को या निजीकरण को??

....... मिलाप सिंह भरमौरी