Hindi shayari
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लाख सम्भल के रहे लेकिन!
फिर भी कसूर हो जाता है!!
यह दुनिया है यार दुनिया में!
सबको गरूर हो जाता है.....!!
~ milap singh bharmouri ~
Hindi shayari
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लाख सम्भल के रहे लेकिन!
फिर भी कसूर हो जाता है!!
यह दुनिया है यार दुनिया में!
सबको गरूर हो जाता है.....!!
~ milap singh bharmouri ~
Hindi shayari
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फिर उसी कशमकश
ने घेरा है!
फिर वही आज
हाल मेरा है!
बेशक जमाना हुआ
तुमसे मिले हुए!
पर आज भी जहन में
ख्याल तेरा है!!!!!
~ milap singh bharmouri ~
सुबह लेकर आई है!
सूरज की नन्ही -सी किरण!!
सब जग से बोल रही है!
उठो जागो और गुड मोरनिन्ग!!
~ milap singh bharmouri ~
Hindi shayari
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दुनिया है फकत साया
उसके जमाल का!!
पाया है हुस्न उसने
या रव कमाल का!!
हम पीते है रोज उसकी
नजरो को देख कर!!
जुल्फें संवार रहे है वो
आईने को देख कर!!
~ milap singh bharmouri ~
Hindi shayari
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बन -ठन के रोज निकलता था
जो बुलेट पर!
भीख मांगता मिलता है वो
अब फुटपाथों पर!!
बस नशे की लत ने उसकी
ऐसी हालत कर दी है!
वरना लकीरें तो नहीं थी ऐसी
उसके हाथों पर!!
~ milap singh bharmouri ~
Save trees!
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इस पूरे शहर पर
राज था मेरा
जो आज पार्क में
मुझे देखते हो!
जन्म, मरण हो
या कोई भी उत्सव
मेरे ही तने को
काटते हो!
मुझको भी दर्द होता है
भाई
मुझ में भी प्राण
बसते है!
तुम चाहे जिससे
प्यार करो पर
अब मेरी क्यों खाल
उधेडते हो!!
~ milap singh bharmouri ~
Hindi shayari
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जुल्फें संवार रहे है वो!
'मिलाप ' आईने को देख कर!!
सच उन -सा नहीं है कोई!
हम आए है जमाने को देखकर!!
~ milap singh bharmouri ~