Milap Singh Bharmouri

Milap Singh Bharmouri
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Sunday, 19 July 2015

Kudarat ki kaya

ढूँढ रहे थे इधर उधर
जन्नत तो यहीं बसी है

इससे सुंदर कुदरत की काया
शायद ओर कहीं नहीं है

यही तो है वादिए भरमौर
यही तो है वादिए भरमौर।।

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 24 March 2015

Aag ugalti garmi

इस आग उगलती गर्मी से
कुछ दिन राहत पा आते हैं
लेकर के कुछ छुट्टियां
ठंडी भरमौर की वादियों में जा आते हैं

टेक आते हैं चौरासी में माथा
कुगती में कार्तिकेय के दर्शन पा आते हैं
बहुत प्रसिद्ध है मणिमहेश यात्रा
भोले के दर सिर झुका आते हैं

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 11 October 2014

हुदहुद


रहम करना तू सब पर
तू कुछ भी कर सकता है

पता है तू ही हुदहुद का
रास्ता बदल सकता है

संभाल लेना तू सब कुछ
खेत खलिहान बन रक्षक

तुझे पता है कैसे मुझ जैसे
गरीब का घर बनता है

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 8 October 2014

वक्त आ गया

शम्मा को देख के तन जाता है
सीना खुद परवाने का
कभी कभी तो मिलता है मौका
हिम्मत और जोश दिखाने का

भगत सिंह है हर हिन्दोस्तानी
हर जन में है शेखर वीर सुभाष
पुण्य वक्त आ गया है
अब दुश्मन की ईंट से ईंट बजाने का

बहुत हो गई शांति की बातें
अब रुद्र रूप दिखाना होगा
घुटनों के नीचे लेकर गर्दन
अब मौका है उसको धूल चटाने का

जो खोया है वतन का टुकडा
जो ओरो के है अब अधीन
अब वक्त आ गया है उसमें भी
तीन रंगी परचम लहराने का

--------- मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 29 August 2014

मणिमहेश स्नान


सूरज जब उगता है
पर्वत के पीछे से
इक दिव्य मणी चमकती है
बर्फीले प्राकृतिक शिवलिंग से

धीरे धीरे यह दिव्य प्रकाश
आ जाता है झील के पास
धन्य हो जाते हैं भक्त
मिट जाते हैं सब पाप

भोले के जयकारों से
घाटी गुंजित हो जाती है
बम बम भोले कहती हुई
श्रद्धा झील में स्नान को जाती है

झील में डुबकी लगाते ही
सारे दुख धुल जाते हैं
भोले के दरवार के
सब द्वार खुल जाते हैं

-------- मिलाप सिंह भरमौरी

( मणिमहेश के बडे शाही स्नान की सभी भक्तों को हार्दिक बधाई।सर्वशक्तिमान भगवान शिव शंकर आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करे । )

Tuesday, 18 February 2014

खोल बोतल शराब की

खोल बोतल शराब की 
खोल बोतल शराब की I

मिल जाएगी जिंदगी 
तुझे तेरे खवाब की II

बुजदिल भी यार पी के
दिलदार बन जाएंगे I

दो जाम उठाने दीजिए
फिर सुन बाते जनाब की II

मयकशी दवाते मिलाप 
मेरी जिंदगी गुजर गई I

आज पीएंगे शरेआम 
छोड़ बातें हिजाब की II

चल सम्भल सम्भल के तू
मालिक ए मैखाना I

चावी न गुम हो जाए कहीं 
मय की दुकान की II

------मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 2 February 2014

सबका काम बनेगा

सबका काम बनेगा
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सबका काम बनेगा
सबकी तरक्की होगी ।

नमन करो प्रभू आगे
हर बात अच्छी होगी ।

टूटी है jiski शादी
समझो कल ही पक्की होगी ।

होगा चारो ओर उजाला
गर मन में भक्ती होगी ।

न होगा डर नाकामी का
गर  मेहनत सच्ची होगी ।

~ milap singh bharmouri ~