ढूँढ रहे थे इधर उधर
जन्नत तो यहीं बसी है
इससे सुंदर कुदरत की काया
शायद ओर कहीं नहीं है
यही तो है वादिए भरमौर
यही तो है वादिए भरमौर।।
------ मिलाप सिंह भरमौरी
ढूँढ रहे थे इधर उधर
जन्नत तो यहीं बसी है
इससे सुंदर कुदरत की काया
शायद ओर कहीं नहीं है
यही तो है वादिए भरमौर
यही तो है वादिए भरमौर।।
------ मिलाप सिंह भरमौरी
इस आग उगलती गर्मी से
कुछ दिन राहत पा आते हैं
लेकर के कुछ छुट्टियां
ठंडी भरमौर की वादियों में जा आते हैं
टेक आते हैं चौरासी में माथा
कुगती में कार्तिकेय के दर्शन पा आते हैं
बहुत प्रसिद्ध है मणिमहेश यात्रा
भोले के दर सिर झुका आते हैं
------ मिलाप सिंह भरमौरी
रहम करना तू सब पर
तू कुछ भी कर सकता है
पता है तू ही हुदहुद का
रास्ता बदल सकता है
संभाल लेना तू सब कुछ
खेत खलिहान बन रक्षक
तुझे पता है कैसे मुझ जैसे
गरीब का घर बनता है
----- मिलाप सिंह भरमौरी
शम्मा को देख के तन जाता है
सीना खुद परवाने का
कभी कभी तो मिलता है मौका
हिम्मत और जोश दिखाने का
भगत सिंह है हर हिन्दोस्तानी
हर जन में है शेखर वीर सुभाष
पुण्य वक्त आ गया है
अब दुश्मन की ईंट से ईंट बजाने का
बहुत हो गई शांति की बातें
अब रुद्र रूप दिखाना होगा
घुटनों के नीचे लेकर गर्दन
अब मौका है उसको धूल चटाने का
जो खोया है वतन का टुकडा
जो ओरो के है अब अधीन
अब वक्त आ गया है उसमें भी
तीन रंगी परचम लहराने का
--------- मिलाप सिंह भरमौरी
सूरज जब उगता है
पर्वत के पीछे से
इक दिव्य मणी चमकती है
बर्फीले प्राकृतिक शिवलिंग से
धीरे धीरे यह दिव्य प्रकाश
आ जाता है झील के पास
धन्य हो जाते हैं भक्त
मिट जाते हैं सब पाप
भोले के जयकारों से
घाटी गुंजित हो जाती है
बम बम भोले कहती हुई
श्रद्धा झील में स्नान को जाती है
झील में डुबकी लगाते ही
सारे दुख धुल जाते हैं
भोले के दरवार के
सब द्वार खुल जाते हैं
-------- मिलाप सिंह भरमौरी
( मणिमहेश के बडे शाही स्नान की सभी भक्तों को हार्दिक बधाई।सर्वशक्तिमान भगवान शिव शंकर आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करे । )
सबका काम बनेगा
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सबका काम बनेगा
सबकी तरक्की होगी ।
नमन करो प्रभू आगे
हर बात अच्छी होगी ।
टूटी है jiski शादी
समझो कल ही पक्की होगी ।
होगा चारो ओर उजाला
गर मन में भक्ती होगी ।
न होगा डर नाकामी का
गर मेहनत सच्ची होगी ।
~ milap singh bharmouri ~