Milap Singh Bharmouri

Milap Singh Bharmouri
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Wednesday, 22 July 2015

Kugti village

पानी बहने की
आवाज सुनाई देती है
गाडिय़ों का यहाँ
कोई शोर नहीं है।

शुद्ध हवा के झोंके
सरसराते हैं यहाँ
दम घोटता धुआँ
किसी ओर नहीं है।

न शराब का ठेका
न घरेलू मिलती है यहाँ
कुगती की तरह सुंदर
कोई गांव नहीं है।

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 20 July 2015

Jharne

गिर रहा था
अमृत सा पानी यहाँ झरनों से
हमने दो हाथ जोड कर
झुक कर पी लिया ।

हो चुका था तार- तार
इमान खींच तानी में
हमने बैठ कर
चौरासी में खुद ही सी लिया ।

लोग जाते हैं स्वर्ग को
मरने के बाद सुना है
हमने स्वर्ग सा जीवन
यहाँ आकर जी लिया ।

------------- मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 19 July 2015

Kudarat ki kaya

ढूँढ रहे थे इधर उधर
जन्नत तो यहीं बसी है

इससे सुंदर कुदरत की काया
शायद ओर कहीं नहीं है

यही तो है वादिए भरमौर
यही तो है वादिए भरमौर।।

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Mehsus hua kuch

महसूस यूँ हुआ कुछ
आकर अपने गांव में
जैसे गोदी में भर लिया हो
प्यार से मां ने ।

इसकी मिट्टी के कण-कण से
मेरा रिश्ता गहरा  है
सारा शरीर रोम- रोम
इससे ही तो बना है ।

फक्र होता है
इसकी आबोहवा से
जिससे मेरी जीव संरचना बनी है
रक्त दिया है मेरी रग- रग को इसने
और मुझको सांसे दी है ।

   ----- मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 24 March 2015

Aag ugalti garmi

इस आग उगलती गर्मी से
कुछ दिन राहत पा आते हैं
लेकर के कुछ छुट्टियां
ठंडी भरमौर की वादियों में जा आते हैं

टेक आते हैं चौरासी में माथा
कुगती में कार्तिकेय के दर्शन पा आते हैं
बहुत प्रसिद्ध है मणिमहेश यात्रा
भोले के दर सिर झुका आते हैं

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 1 March 2015

Barish

रोक रखा है मुझे
यह जाने नहीं देती

रोक रखा है मुझे
यह जाने नहीं देती ।

इस बारिश की जिद्द पे
किसका जोर चलता है ।

----- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 8 December 2014

तेरी बहन

जब कोई तेरी बहन को छेडे
या बुरी नजर से देखे
आग लग जाती है सीने में
खून बहने लगता है पसीने में

कब तू सब्र कर पाता है
दो चार उसी वक्त जड देता है
कितनी नफरत हो जाती है पैदा
कुछ नहीं दिखता उसमें इंसान जैसा

पर तू जब खुद मन में लिए दुर्बुध
किसी की बहन को छेडता है
या बुरी नजर से देखता है
हवस भरे मन से
उसके घर या रास्ते की तरफ बढता है

तो तेरी अक्ल कहां खो जाती है
वो सब इंसानियत कहां खो जाती है
जब तू लौटता है व्यभिचार करके
दूसरे के घर में जहर भरके

क्यों नहीं तेरा मन करता मर जाने को
जहर निगल लेने को
फंदे से लटक जाने को
बडे फक्र से अपनी नीचता
अपने दोस्तों को सुनाता है
किसी इज्जत की निलामी को
गली गली तक पहुंचाता है

सुन तू तो दोषी है ही
तेरी यह बातें सुने वाले भी
दोषी ठहराऐ जाएंगे
तुझको फैंका जाएगा
उफनते तेल के कडाहे में
उनके कानों में भी
उफनता तेल डाला जाएगा

उसके घर में देर हो सकती है
मगर अंधेर नहीं होता
मैं महसूस कर रहा हूं
अभी से तुमको रोता

अभी भी संभल जा कुछ भला हो जाएगा
तू भी पाप से बच जाएगा
उसका भी घर बच जाएगा

मैं नहीं कहता सब तेरी ही गलती होगी
हो सकता है वो भी तुझे फोन करती होगी
पर राह गलत है मंजिल भी गलत ही होगी
जो जो करेगा पाप वही बनेगा भोगी

      ------ मिलाप सिंह भरमौरी

Tuesday, 28 October 2014

इश्क

Hindi shayari
@ @ @ @ @ @

इश्क नहीं हैं बंधन कोई
इश्क नहीं है गांठ

इश्क हो जाए पल दो पल में
लगे न अथक प्रयास

इश्क तो जोडे रूह को रूह से
इश्क तो है एहसास

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 27 October 2014

लोकतंत्र है एक मात्र उपाय

लोकतंत्र है एक मात्र उपाय
दुनिया में खुशहाली लाने का

भुक्त रहे हैं खूब नतीजा
कुछ देश आतंक फैलाने का

मजहब नहीं है कोई बाधा
किसी मुल्ख की तरक्की में

वो तो पिसवा रहे हैं लोगों को
अपने स्वार्थ की चक्की में

वरना आकर देख लें वो
भारत में कितना अमनो चैन है

हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई
इसके बाशिंदे बौद्ध और जैन हैं

--------- मिलाप सिंह भरमौरी

Thursday, 16 October 2014

बेचारा मुशर्रफ !

पता नहीं कब पड जाए
गले में उसके फंदा
राजद्रोह का घोर
उस पर चल रहा मुकदमा

क्या करे बेचारा
संविधान तो देगा उसे झुला
इसलिए कश्मीर कश्मीर अलाप के
आतंकवादियो को रहा रिझा

इसकी बात का बुरा न मानना भाइयो
ऐसी परिस्थिति में
ऐसी ही हालत हो जाती है
सही गलत कहां पता चलता है
बुद्धि अक्सर खो जाती है

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 12 October 2014

सुपरपावर का ऐलान


दुनिया को इक बार फिर
हैरान कर दिया
हुदहुद को हराकर
कमाल कर दिया ।

तुफान आने से पहले ही
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर
विकसित देशों को भी भारत ने
मात कर गया।

कश्मीर की आकस्मिक बाढ
कुछ न सकी बिगाड
अपना लोहा मना कर जवानों ने
भारत का ऊंचा नाम कर दिया ।

मंगलयान की कामयाबी
अभी नहीं हैं दुनिया भूली
भगाकर सरहद से ड्रेगनो को
सुपरपावर होने का ऐलान कर दिया ।

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Wednesday, 24 September 2014

सुपरपावर


अब इसमें नहीं दो राय कोई
अंतरिक्ष में कौन है सुपरपावर
भारत का ही सिक्का चलने वाला है
हो जमीन आकाश या फिर सागर

तू भारत का निवासी है
नहीं दुनिया में है कोई तेरे बराबर
भुजाओं में तेरी है श्रम की फडक
सिने में है तेरे हिम्मत का सागर

अदभुत है तेरी सहनशीलता
बडा अनोखा है भाईचारा नागर
तू विश्वगुरु था आगे भी रहेगा
ज्ञान मांगेगा यहां फिर विश्व आकर

------- मिलाप सिंह भरमौरी

Monday, 8 September 2014

Yadon ki khoosbu


तेरी यादों की खुशबू
दिल को मेरे महका जाती है

देखो किस्मत प्यार की वर्षा
बिन बादल भी बरसा जाती है

बेशक तेरी आस नहीं है
तू मेरे अब पास नहीं है

पर कभी कभी शाम को हिचकी
एहसास तेरा दिला जाती है

- - - - - - मिलाप सिंह भरमौरी

Sunday, 7 September 2014

बायोमेट्रिक अटेंडेंस

बायोमेट्रिक अटेंडेंस
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हिमाचल के टीचरों में
अजीब सा इक डर पल रहा है
क्योंकि
सरकारी स्कूलों में
अटेंडेंस के लिए
बायोमेट्रिक मशीन की खरीद पर
काम चल रहा है

सरकारी स्कूलों की
शिक्षा की गुणवत्ता में
अब सुधार होने वाला है
गरीबों के लिए सचमुच
इक बडा उपकार होने वाला है

जोर लगा कर रुकवाने में
जुट गए हैं सब टीचर संगठन
कहीं हो न जाए
इन मशीनों का उद्घाटन

कैसे कर पाएंगे फिर
घर का काम
साइड बिजनेस पर
लग जाएगा पूर्ण विराम

प्राईवेट स्कूलों की भी
इससे इनकम कम हो जाएगी
गरीब जनता को सरकारी में ही
अच्छी शिक्षा मिल जाएगी

डर क्यों रहे हैं टीचर
इन मशीनों से
क्या ड्यूटी पर आ ही
नहीं रहे थे वो इतने दिनों से

देश की बदहाली के लिए
हम कहते रहते हैं
इसकी और उसकी जिम्मेदारी है
शायद देश की लुटिया डुबाने में
हम सब की समान भागीदारी है

    ------ मिलाप सिंह भरमौरी

Saturday, 30 August 2014

दिल मत सोच


Hindi shayari
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दिल तू  मत सोच  उसके बारे में
वो  नहीं है  मुक्कदर  तुम्हारे  में ।
अपने मन को भी कर तू काबू में
और न न कर हर  बार इशारे में।

------ मिलाप सिंह भरमौरी

Friday, 29 August 2014

मणिमहेश स्नान


सूरज जब उगता है
पर्वत के पीछे से
इक दिव्य मणी चमकती है
बर्फीले प्राकृतिक शिवलिंग से

धीरे धीरे यह दिव्य प्रकाश
आ जाता है झील के पास
धन्य हो जाते हैं भक्त
मिट जाते हैं सब पाप

भोले के जयकारों से
घाटी गुंजित हो जाती है
बम बम भोले कहती हुई
श्रद्धा झील में स्नान को जाती है

झील में डुबकी लगाते ही
सारे दुख धुल जाते हैं
भोले के दरवार के
सब द्वार खुल जाते हैं

-------- मिलाप सिंह भरमौरी

( मणिमहेश के बडे शाही स्नान की सभी भक्तों को हार्दिक बधाई।सर्वशक्तिमान भगवान शिव शंकर आपकी सारी मनोकामनाएं पूरी करे । )

Saturday, 2 August 2014

कितना असर

जन्नत सी लगने लगती है यह दुनिया
जब भी  सोचता हूँ मैं तुम्हारे बारे में

जुबान पर आ जाता है अचानक कई बार
पता नहीं क्या रखा है नाम तुम्हारे में

कितना असर होगा तेरी मौहब्बत में
सोचता हूँ तन्हा बैठकर मैं फुर्सत में

गर कबूल कर लो दोस्ती मेरी तुम तो
रौशनी हो जाए ओर ज्यादा मेरे सितारे में

      -------- मिलाप सिंह भरमौरी