milap singh

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Monday, 25 June 2018

Karj mafi

कर्ज माफ़ी
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टीस उठती जरूर सीने में
मगर दर्द इतना भी ज्यादा न होता।

लड लेता परेशानियों से अपनी
खुदकुशी का इरादा न होता।

मेहनती किसान था बहुत वह
शायद अब तक भर भी देता कर्ज सारा ।

अगर कर्ज माफी का कमबख्त झूठा
यह जानलेवा वादा न होता।

      ------- मिलाप सिंह भरमौरी

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